दिल्ली बजट सत्र: AAP का हंगामा, कल CM रेखा गुप्ता पेश करेंगी बजट
दिल्ली पॉलिटिक्स ब्रेकिंग: ‘खीर सेरेमनी’ के साथ शुरू हुआ विधानसभा का बजट सत्र… कल अपना दूसरा बजट पेश करेंगी CM रेखा गुप्ता… 4 विधायकों का निलंबन रद्द न होने पर सड़क पर उतरी आम आदमी पार्टी… नेता प्रतिपक्ष आतिशी का करारा हमला- ‘विपक्ष की आवाज दबा रही BJP’… पढ़ें ‘The Politics Again’ की पूरी रिपोर्ट…
दिल्ली विधानसभा: ‘खीर सेरेमनी’ के साथ बजट सत्र का आगाज; 4 विधायकों का सस्पेंशन रद्द न होने पर AAP का भारी हंगामा, आतिशी ने BJP को घेरा
नई दिल्ली | स्टेट एंड पॉलिटिकल डेस्क, श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट, The Politics Again
राजधानी दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मियों के बीच आज (23 मार्च) पारंपरिक ‘खीर सेरेमनी’ के साथ विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हो गई है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार का यह दूसरा बजट सत्र है और कल यानी 24 मार्च को मुख्यमंत्री अपना दूसरा वार्षिक बजट सदन के पटल पर पेश करेंगी।
हालांकि, बजट पेश होने से पहले ही विधानसभा के बाहर भारी राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है।
मुख्य विपक्षी दल आम आदमी पार्टी (AAP) अपने चार विधायकों का सस्पेंशन रद्द न होने के विरोध में आज सड़क पर उतर आई और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
क्यों हो रहा है AAP का विरोध प्रदर्शन?
आम आदमी पार्टी के विधायकों का यह विरोध प्रदर्शन उनके चार साथियों के निलंबन को लेकर है।
ज्ञात हो कि जनवरी में हुए पिछले विधानसभा सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही में कथित तौर पर बाधा डालने के आरोप में AAP के चार विधायकों— संजीव झा, कुलदीप कुमार, जरनैल सिंह और सोमदत्त को निलंबित कर दिया गया था।
तकनीकी रूप से उनका निलंबन अब भी जारी है, क्योंकि सदन का पिछला सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित (Prorogue) नहीं किया गया था। इसी कारण इन विधायकों को बजट सत्र में भी हिस्सा लेने की अनुमति नहीं मिल रही है, जिसके खिलाफ पूरी आम आदमी पार्टी एकजुट होकर प्रदर्शन कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष आतिशी का BJP पर तीखा हमला
इस पूरे विवाद पर दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और AAP विधायक आतिशी ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है।
प्रमुख न्यूज एजेंसी से बातचीत करते हुए आतिशी ने कहा,
“विधानसभा के सत्र में पक्ष और विपक्ष दोनों की अहम भूमिका होती है। विपक्ष का काम सरकार को जनहित के मुद्दों के बारे में बताना है, लेकिन भाजपा ने पिछले 1 साल में विपक्ष की आवाज दबाने के अलावा कोई काम नहीं किया है।”
उन्होंने अपना रोष प्रकट करते हुए आगे कहा,
“जैसे ही विपक्ष के विधायक जनहित का कोई मुद्दा उठाते हैं, उन्हें सदन से उठाकर बाहर कर दिया जाता है। हमारे चार विधायकों को पूरे सेशन के लिए सस्पेंड कर दिया गया और अब उन्हें बजट सेशन में भी भागीदारी नहीं करने दी जा रही है। अगर विपक्ष के विधायकों को विधानसभा के अंदर ही नहीं घुसने दिया जाएगा, उन्हें बोलने ही नहीं दिया जाएगा, तो फिर विधानसभा का सत्र बुलाने का क्या औचित्य है?”











