पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: पक्षपात के आरोप में 6 पुलिस अधिकारी निलंबित
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: चुनाव आयोग का कड़ा एक्शन, पक्षपात और अनियमितता के आरोप में IPS समेत 6 पुलिस अधिकारी निलंबित
नई दिल्ली/कोलकाता: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान चुनाव प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता बरतने और पक्षपात करने के आरोप में बेहद सख्त कदम उठाया है।
निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति अपनाते हुए एक आईपीएस (IPS) अधिकारी समेत कुल छह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
इसके साथ ही इन सभी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है।
इन 6 अधिकारियों पर गिरी निलंबन की गाज
चुनाव आयोग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिन पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया है, वे मुख्य रूप से डायमंड हार्बर और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात थे। निलंबित अधिकारियों की सूची इस प्रकार है:
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संदीप गराई: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Additional SP), डायमंड हार्बर।
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सजल मंडल: एसडीपीओ (SDPO), डायमंड हार्बर।
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मौसम चक्रवर्ती: इंस्पेक्टर इंचार्ज, डायमंड हार्बर पुलिस स्टेशन।
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संदीप सरकार: प्रभारी अधिकारी (Officer-in-Charge), हिंगलगंज पुलिस स्टेशन।
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अजय बाग: इंस्पेक्टर इंचार्ज, फलता पुलिस स्टेशन।
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शुभेच्छा बाग: ऑफिसर इंचार्ज, उस्थी पुलिस स्टेशन।
IPS संदीप गराई पर गृह मंत्रालय को रिपोर्ट, SP को दी गई चेतावनी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप गराई के मामले में निर्वाचन आयोग ने और भी सख्त रुख अपनाया है।
आयोग ने उनके कैडर नियंत्रण प्राधिकारी (Cadre Controlling Authority) यानी केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) को एक विस्तृत रिपोर्ट भेजने का आदेश जारी किया है, जिससे उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सके।
इसके अतिरिक्त, डायमंड हार्बर की पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. ईशानी पाल को भी आयोग ने कड़ी चेतावनी जारी की है।
उन्हें चुनाव जैसे अत्यंत संवेदनशील मामलों में अपने अधीनस्थ अधिकारियों के बीच अनुशासन और पूर्ण निष्पक्षता सुनिश्चित करने में विफल रहने का जिम्मेदार माना गया है।
मुख्य सचिव को अल्टीमेटम: 11 बजे तक मांगी अनुपालन रिपोर्ट
भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को इन निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के सख्त आदेश दिए हैं।
आयोग ने निर्देश दिया है कि कार्रवाई सुनिश्चित कर सुबह 11:00 बजे तक हर हाल में अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) सौंपी जाए।
चुनाव आयोग का स्पष्ट संदेश: ‘निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं’
निर्वाचन आयोग ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि तथ्यों और परिस्थितियों पर गहन विचार करने के बाद ही यह कार्रवाई की गई है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान निष्पक्षता बनाए रखने में गंभीर दुर्व्यवहार और विफलता के कारण इन अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने और अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया गया।
आयोग ने कड़ा संदेश दिया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता और आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।











