जल जीवन मिशन: परियोजनाओं का निरीक्षण न करने वाले JE का रुकेगा वेतन
जल जीवन मिशन की समीक्षा: परियोजनाओं का निरीक्षण न करने वाले JE पर गिरी गाज, DM डॉ. दिनेश चंद्र ने वेतन रोकने के दिए सख्त निर्देश
जौनपुर कलेक्ट्रेट सभागार: द पॉलिटिक्स अगेन : सुनील कुमार की रिपोर्ट
जनपद में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की शासन की महत्वाकांक्षी योजना ‘जल जीवन मिशन’ (Jal Jeevan Mission) के कार्यों की जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई।
बैठक में डीएम ने कार्यों की जमीनी हकीकत परखी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया।
लापरवाह जेई का वेतन बाधित करने के निर्देश
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की।
पूर्व में डीएम द्वारा सभी अवर अभियंताओं (JE) को स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि वे अपने क्षेत्र की 25-25 परियोजनाओं का अनिवार्य रूप से स्थलीय निरीक्षण करेंगे।
समीक्षा के दौरान जब यह सामने आया कि कुछ जेई ने इस आदेश का पालन नहीं किया है, तो डीएम ने गहरी नाराजगी जताई।
उन्होंने सख्त कार्रवाई करते हुए निर्देश दिया कि जिन जेई द्वारा परियोजनाओं का निरीक्षण नहीं किया गया है, उनका वेतन तत्काल प्रभाव से बाधित (रोक) कर दिया जाए।
‘मैनपॉवर बढ़ाएं, अधिक से अधिक घरों तक पहुंचाएं पानी’
जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने जल जीवन मिशन के तहत काम कर रही सभी कार्यदायी संस्थाओं को कार्यों में गति लाने के कड़े निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्थाएं अपनी साइट्स पर मैनपॉवर (श्रमिकों की संख्या) बढ़ाएं ताकि काम समय सीमा के भीतर पूरे हो सकें।
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प्राथमिकता के आधार पर अधिक से अधिक घरों में पानी का कनेक्शन पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए, जिससे शासन की मंशा के अनुरूप ग्रामीण अंचलों में लोगों को शुद्ध पेयजल का लाभ मिल सके।
परियोजनाओं पर लिखवाएं टोल फ्री नंबर, शिकायतों का हो तुरंत निपटारा
बैठक में बुनियादी सुविधाओं और जन शिकायतों के समाधान पर भी विशेष जोर दिया गया:
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वाटर रिचार्ज सिस्टम: जिलाधिकारी ने जल संचयन के प्रति गंभीरता दिखाते हुए वाटर रिचार्ज व्यवस्थाओं की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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टोल फ्री नंबर: उन्होंने निर्देशित किया कि सभी परियोजना स्थलों और पानी की टंकियों पर संबंधित विभाग का टोल फ्री नंबर बड़े अक्षरों में लिखवाया जाए, ताकि ग्रामीण किसी भी समस्या पर सीधे संपर्क कर सकें।
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शिकायतों का निस्तारण: सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) और आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर प्राप्त होने वाली पेयजल संबंधी शिकायतों की गहन समीक्षा की गई।
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डीएम ने निर्देश दिया कि जनता की इन शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण किया जाए।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जल निगम के अधिकारी, कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।











