West Bengal Election 2026

बंगाल चुनाव: मुर्शिदाबाद में TMC और हुमायूं कबीर के बीच झड़प

पश्चिम बंगाल चुनाव: मुर्शिदाबाद के नाओदा में TMC और AJUP के बीच झड़प, हुमायूं कबीर का आरोप- ‘मोटी रकम देकर खरीदे गए मेरे उम्मीदवार’

मुर्शिदाबाद: द  पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण की वोटिंग के बीच मुर्शिदाबाद जिले का नाओदा (Naoda) क्षेत्र भारी राजनीतिक तनाव का केंद्र बन गया है।

152 सीटों पर जारी मतदान के दौरान शिवनगर गांव में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर के समर्थकों के बीच तीखी झड़प हो गई।

हुमायूं कबीर ने टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि सत्ताधारी पार्टी ने उनके उम्मीदवारों को मोटी रकम देकर चुनाव मैदान से हटने पर मजबूर किया है।

‘TMC ने 9 से 30 लाख रुपये देकर खरीदे उम्मीदवार’

AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर ने टीएमसी पर चुनाव को गलत तरीके से प्रभावित करने का बड़ा आरोप लगाया है।

  • कबीर ने बताया कि शुरुआत में उनकी पार्टी ने 142 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे थे, लेकिन टीएमसी नेताओं द्वारा प्रलोभन और दबाव दिए जाने के कारण अब यह संख्या घटकर मात्र 115 रह गई है।

  • उनका सनसनीखेज दावा है कि कुछ उम्मीदवारों को 9 लाख से लेकर 30 लाख रुपये तक की नकद राशि देकर चुनाव से बाहर किया गया है।

पोलिंग बूथ पर कबीर का विरोध, लगे ‘गो बैक’ और ‘BJP एजेंट’ के नारे

विवाद तब और गहरा गया जब हुमायूं कबीर नाओदा क्षेत्र के शिवनगर गांव के एक मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचे।

  • वहां पहले से मौजूद टीएमसी समर्थकों ने कबीर का भारी विरोध शुरू कर दिया। उन्हें “भाजपा का एजेंट” (BJP Agent) करार देते हुए ‘वापस जाओ’ (Go Back) के नारे लगाए गए।

  • इसी दौरान दोनों दलों के बीच तनाव बढ़ गया। एजेयूपी (AJUP) कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि टीएमसी समर्थकों ने उनके एक बूथ स्तर के अध्यक्ष के साथ मारपीट भी की है। हालांकि, मौके पर तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए स्थिति को नियंत्रण में ले लिया।

कौन हैं हुमायूं कबीर?

हुमायूं कबीर मुर्शिदाबाद की भरतपुर विधानसभा सीट से पूर्व विधायक रह चुके हैं। पिछले साल (दिसंबर 2025 में) टीएमसी ने उन्हें “बाबरी जैसी मस्जिद” बनाने वाले एक विवादित बयान के चलते पार्टी से निलंबित कर दिया था।

इसके बाद कबीर ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी (AJUP) बनाकर इस विधानसभा चुनाव में ताल ठोकी है।

ममता बनर्जी पर ‘धार्मिक तुष्टिकरण’ का आरोप

झड़प के बाद हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी वोट बैंक को साधने के लिए सीधे तौर पर धार्मिक तुष्टिकरण की राजनीति कर रही हैं।

कबीर का दावा है कि राज्य में हिंदू वोटरों को लुभाने के लिए जानबूझकर मंदिरों का निर्माण कराया जा रहा है और धार्मिक नेताओं को बड़े पैमाने पर सरकारी अनुदान दिया जा रहा है।

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