कश्मीर से ईरान को मदद: महिलाओं ने दान किए जेवर
कश्मीर के लोगों ने पेश की इंसानियत की बड़ी मिसाल… युद्धग्रस्त ईरान के पीड़ितों के लिए घर-घर जाकर जुटाया दान… महिलाओं ने सोने के जेवर तो बच्चों ने दी अपनी पॉकेट मनी… ईरानी दूतावास ने भावुक होकर जताया भारत का आभार… पढ़ें ‘The Politics Again’ की पूरी रिपोर्ट…
कश्मीर से युद्धग्रस्त ईरान के लिए उठी मदद की अलख: महिलाओं ने दान किए जेवर, बच्चों ने दी अपनी गुल्लक; ईरानी दूतावास ने जताया भारत का आभार
श्रीनगर/नई दिल्ली | इंटरनेशनल डेस्क, The Politics Again
पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव और युद्ध के बीच कश्मीर घाटी से इंसानियत की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर सामने आई है।
कश्मीर के कुछ क्षेत्रों में लोगों ने युद्धग्रस्त ईरान के पीड़ितों की मदद के लिए बड़े पैमाने पर दान एकत्र किया है।
Even Kashmiri children are offering their piggy banks as gifts to Iran.
God bless you. pic.twitter.com/OfI6w4rNUb— Iran in India (@Iran_in_India) March 22, 2026
इस मानवीय पहल में नकदी से लेकर सोने के आभूषण और तांबे के बर्तन तक दान किए गए हैं। इस अभूतपूर्व एकजुटता को देखकर भारत स्थित ईरानी दूतावास ने भी कश्मीर और भारत के लोगों का भावुक होकर आभार व्यक्त किया है।
ईद के बाद घर-घर जाकर जुटाया गया दान
ईद के समारोह संपन्न होने के ठीक एक दिन बाद, रविवार को घाटी के शिया-बहुल क्षेत्रों (मुख्य रूप से बडगाम और बारामूला) में युवाओं ने घर-घर जाकर दान जुटाने का अभियान शुरू किया।
रैनवारी निवासी ऐजाज अहमद ने इस युद्ध को ‘इजरायल के जायोनी शासन और उसके समर्थकों द्वारा थोपा गया अवैध युद्ध’ करार दिया।
उन्होंने अपील की कि पूरी सभ्य दुनिया को ईरान के पीड़ित लोगों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। इस दान अभियान में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों सहित समाज के हर वर्ग ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
महिलाओं ने जेवर और तांबे के बर्तन किए दान
A respected sister from Kashmir, donated the gold kept as a memento of her husband who passed away 28 years ago with a heart full of love and solidarity for the people of #Iran.
Your tears and pure emotions are the greatest source of comfort for the people of Iran and will never… pic.twitter.com/0zFcJwGhj0— Iran in India (@Iran_in_India) March 22, 2026
इस राहत अभियान में घाटी की महिलाओं और बच्चों का योगदान सबसे अधिक भावुक करने वाला रहा।
महिलाओं ने स्वेच्छा से अपने सोने के आभूषण, तांबे के कीमती बर्तन और अन्य घरेलू सामान दान कर दिए।
कुछ ग्रामीण परिवारों ने अपना पशुधन (Livestock) तक पीड़ितों की मदद के लिए दे दिया।
वहीं, छोटे बच्चों ने अपनी जमा की हुई बचत (गुल्लक) और जेब खर्च (Pocket Money) देकर इस मानवीय कार्य में अपना बड़ा योगदान दिया।
एकत्रित किए गए इस भारी योगदान को ईरानी दूतावास और अन्य आधिकारिक राहत संगठनों के माध्यम से सीधे ईरान के जरूरतमंदों तक भेजा जाएगा।
ईरानी दूतावास ने एक्स (X) पर जताया आभार
कश्मीर के लोगों के इस अथाह प्रेम और समर्थन को देखकर ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर दान की तस्वीरों के साथ अपना गहरा आभार व्यक्त किया है।
दूतावास ने अपने आधिकारिक हैंडल से लिखा,
“कश्मीर के दयालु लोगों की मानवीय सहायता और हार्दिक एकजुटता को कभी नहीं भुलाया जाएगा। हम आपकी दयालुता और मानवता को कभी नहीं भूलेंगे।”
इसके साथ ही एक अन्य पोस्ट में दूतावास ने भारत सरकार और देशवासियों को भी धन्यवाद दिया।












