बंगाल में ED की बड़ी रेड: चुनाव से पहले अवैध कॉल सेंटर के 10 ठिकानों पर छापे, 3 मुख्य आरोपी रडार पर | The Politics Again
‘बंगाल में चुनाव से ठीक पहले ED का बड़ा एक्शन: अवैध कॉल सेंटर के 10 ठिकानों पर छापेमारी, रडार पर ‘पॉलिटिकल फंडिंग ‘
कोलकाता/सिलीगुड़ी (The Politics Again): संतोष सेठ की रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही केंद्रीय जांच एजेंसियों की हलचल भी तेज हो गई है।
सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राज्य में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध कॉल सेंटर और धोखाधड़ी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है।
इडी की अलग-अलग टीमों ने सोमवार सुबह से ही राज्य के कई प्रमुख शहरों में एक साथ करीब 10 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की।
किन शहरों में पड़े छापे और कौन हैं रडार पर?
ED के अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा मामला एक अंतरराष्ट्रीय/राष्ट्रीय स्तर के अवैध कॉल सेंटर (Fake Call Center Scam) को चलाने और मासूम लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने से जुड़ा है।
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छापेमारी के मुख्य इलाके: जांच एजेंसी ने सिलीगुड़ी, हावड़ा, बिधाननगर (Bidhannagar) और दुर्गापुर जैसे अहम शहरों में फैले इस नेटवर्क के 10 ठिकानों की सघन तलाशी ली।
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मुख्य आरोपी: इस बड़े घोटाले में मुख्य रूप से तीन नाम सामने आए हैं— सुरश्री कर, सम्राट घोष और सुभजीत चक्रवर्ती। ED की टीमें इन मुख्य आरोपियों और उनके करीबियों के ठिकानों पर अहम डिजिटल सबूत, हार्ड डिस्क और दस्तावेज़ खंगाल रही है।
क्या अवैध ठगी का पैसा चुनाव में लगने वाला था?
इस छापेमारी की टाइमिंग (Timing) ने राज्य के सियासी पारे को और भी ज्यादा गर्म कर दिया है।
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चुनाव आयोग ने हाल ही में बंगाल में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान और 4 मई को नतीजे घोषित करने का ऐलान किया है।
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सूत्रों के मुताबिक, ED अब इस एंगल से भी गहराई से जांच कर रही है कि क्या इन अवैध कॉल सेंटरों से ठगी गई ब्लैक मनी (काले धन) का कोई कनेक्शन ‘चुनावी फंडिंग’ (Political Funding) या किसी राजनीतिक दल से तो नहीं है?
फिलहाल, जांच एजेंसी ने जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है, ताकि इस पूरे गिरोह के ‘मास्टरमाइंड’ और इसके राजनीतिक तारों की पूरी सच्चाई सामने आ सके।












