ईरान की वो घातक मिसाइलें जिनसे दहल रहा मिडिल ईस्ट; जानिए उनकी रेंज और ताकत
” मिडिल ईस्ट में मची तबाही: जानिए ईरान के शस्त्रागार की वो घातक मिसाइलें जो बन रही हैं अमेरिका-इजरायल के लिए बड़ी चुनौती “
नई दिल्ली : द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध आज अपने चौथे दिन में प्रवेश कर गया है और स्थिति बेहद भयानक रूप ले चुकी है।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की कथित हत्या के बाद प्रतिशोध की आग में जल रहे ईरान ने मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) के कई देशों में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है।
ईरान ने कतर, कुवैत, सऊदी अरब, यूएई और बहरीन सहित कई देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों (Bases) और दूतावासों को निशाना बनाया है। इसके साथ ही इजरायल के प्रमुख शहरों पर भी मिसाइलों की बारिश की गई है।
इस युद्ध में ‘मिसाइलों की लड़ाई’ सबसे अहम हो गई है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान के पास मिसाइलों का इतना बड़ा शस्त्रागार (Stockpile) मौजूद है कि वह लगातार एक महीने तक ऐसे ही भारी हमले कर सकता है।
ईरान की घातक मिसाइलों की लिस्ट और उनकी रेंज
(सोर्स: Missile threat, CSIS)
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मिसाइल का नाम (Missile Name) |
मारक क्षमता (Range) |
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जोल्फाघार (जुल्फिकार) |
700 किमी |
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कियाम (Qiam) |
700 किमी – 800 किमी |
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अबू महदी (Abu Mahdi) |
1,000 किमी |
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शहाब 3, इमाद/गदर |
1,300 किमी – 1,950 किमी |
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फतह (Fattah) |
1,400 किमी |
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सेज्जिल (Sejjil) |
2,000 किमी |
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सौमर (Soumar) |
2,000 किमी – 3,000 किमी |
बैलेस्टिक मिसाइलों से इजरायल और अमेरिकी बेस पर प्रहार
बीते कुछ दिनों में यह युद्ध बेहद भयंकर हो चुका है। ईरान अब अपनी सबसे ताकतवर बैलेस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा है:
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खाड़ी देशों में हमले: बहरीन, कतर, कुवैत, सऊदी अरब और यूएई में जहां-जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं, वहां ईरानी ड्रोन और मिसाइलों से सटीक हमले किए जा रहे हैं। इन देशों ने अपनी संप्रभुता के उल्लंघन को लेकर ईरान की कड़ी निंदा की है।
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इजरायल पर कहर: ईरान ने इजरायल के अंदरूनी हिस्सों—हाइफा, तेल अवीव और वेस्ट यरूशलम पर बैलिस्टिक मिसाइलों से भारी अटैक किया है, जिससे इजरायल की वायु रक्षा प्रणाली (Air Defense System) पर भारी दबाव पड़ा है।
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का कड़ा संदेश
युद्ध के इस नाजुक और असाधारण हालात के बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने देश और दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है:
“हम गवर्नरों के साथ सीधे संपर्क में हैं। स्थिति असाधारण है, लेकिन देश रुका नहीं है। देशभर में लगातार गतिविधियां जारी हैं। प्रांतों को आवश्यक अधिकार सौंपकर, निर्णय लेने की प्रक्रिया तेजी से और स्थानीय परिस्थितियों के अनुपात में की जा रही है। राष्ट्रीय एकता हमारी प्राथमिक संपत्ति है।”












