मिडिल ईस्ट युद्ध: मिसाइलों के साए में फंसे 90 लाख भारतीय, मोदी सरकार से वतन वापसी की गुहार; MEA हेल्पलाइन जारी
” मिडिल ईस्ट में युद्ध का भयंकर रूप: मिसाइलों के साए में 90 लाख भारतीय, ‘मोदी जी, हमें बचा लीजिए’ की गूंज “
नई दिल्ली : द पॉलिटिक्स अगेन। संतोष सेठ की रिपोर्ट
मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच चल रहा भीषण सैन्य संघर्ष अब एक गहरे मानवीय संकट में तब्दील हो गया है।
खाड़ी देशों में रहने वाले लगभग 90 लाख भारतीय इस समय मिसाइलों के हमलों और युद्ध के सायरन के बीच खौफ के साए में जी रहे हैं।
तेहरान के मेडिकल कॉलेजों से लेकर दुबई के आलीशान होटलों तक, हर तरफ से भारतीय नागरिकों की वतन वापसी की मार्मिक गुहार सामने आ रही है।
28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की कथित मौत के बाद भड़के इस युद्ध ने पूरे खाड़ी क्षेत्र को दहला दिया है। UAE, कतर, ओमान और सऊदी अरब जैसे देशों में अब युद्ध के सायरन आम हो गए हैं।
छात्रों और कामगारों की दर्दनाक अपील: “स्पीड बहुत मायने रखती है”
सोशल मीडिया पर खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों के वीडियो और अपीलों की बाढ़ आ गई है।
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दुबई से कामगार की पुकार: दुबई में फंसे एक भारतीय वर्कर ने इंस्टाग्राम रील पर अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा, “मैं यहां रोज़ी-रोटी के लिए आया था, लेकिन अब मैं बम से बचने की कोशिश कर रहा हूं। मैं मोदी जी और भारत सरकार से रिक्वेस्ट करता हूं कि हमें यहां से निकालें।”
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तेहरान में मेडिकल छात्र: ईरान में लगभग 10,000 भारतीय रहते हैं, जिनमें बड़ी संख्या मेडिकल छात्रों की है।
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तेहरान से एक छात्रा ने वीडियो संदेश में कहा, “यहाँ के हालात बहुत खराब और अनिश्चित हैं। एयर स्ट्राइक हो रही हैं… ऐसे समय में, स्पीड बहुत मायने रखती है। हम जल्द से जल्द सुरक्षित निकासी की रिक्वेस्ट करते हैं।”
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कश्मीरी छात्रों की चिंता: ईरान में कम से कम 2,000 कश्मीरी छात्र फंसे हुए हैं। जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर तुरंत कूटनीतिक दखल और निकासी की मांग की है।
पर्यटक फंसे, उड़ानें रद्द और सरकार की तैयारियां
दुबई और अबू धाबी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर मिसाइलों के खतरे ने बाहरी लोगों में भारी दहशत पैदा कर दी है।
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पुणे के छात्र फंसे : पुणे के इंदिरा स्कूल ऑफ़ बिज़नेस स्टडीज़ के 84 MBA छात्र और चार फ़ैकल्टी मेंबर एक स्टडी टूर के दौरान दुबई में फंस गए हैं।
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हालांकि उन्हें एक सुरक्षित होटल में शिफ्ट कर दिया गया है, लेकिन एयरस्पेस बंद होने के कारण उनकी वापसी लटकी हुई है।
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विमानन मंत्रालय अलर्ट पर : नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) ने तैयारियों की समीक्षा की है।
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एयर इंडिया और इंडिगो जैसी प्रमुख एयरलाइंस ने इस इलाके के लिए अपनी उड़ानें निलंबित कर दी हैं और वे डायवर्जन व री-रूटिंग के लिए ‘NOTAMs’ पर नज़र रख रहे हैं।
राजनीतिक नेताओं, जिनमें सुखबीर सिंह बादल और कुलतार सिंह संधवान शामिल हैं, ने भी प्रधानमंत्री मोदी से नागरिकों (विशेषकर पंजाबियों) को कॉन्फ्लिक्ट ज़ोन से जल्द से जल्द एयरलिफ्ट करने की अपील की है।
विदेश मंत्रालय (MEA) का रुख और इमरजेंसी हेल्पलाइन
विदेश मंत्रालय ने इस घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई है और सभी पक्षों से संयम बरतने व नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है।
भारतीय दूतावास लगातार नागरिकों के संपर्क में हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए MEA ने निम्नलिखित देशों के लिए 24/7 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:
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देश (Country) |
इमरजेंसी फ़ोन नंबर (Phone) |
अन्य संपर्क (Email / WhatsApp / Toll-Free) |
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तेहरान (ईरान) |
+989128109115, +989128109109, +989128109102, +989932179359 |
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अबू धाबी (UAE) |
टोल फ़्री: 800-46342 |
WhatsApp: +971543090571, Email: pbsk.dubai@mea.gov.in / ca.abudhabi@mea.gov.in |
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रियाद (सऊदी अरब) |
00-966-11-4884697 |
WhatsApp: 00-966-542126748, टोल फ़्री: 800 247 1234, Email: cw.riyadh@mea.gov.in |
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तेल अवीव (इज़राइल) |
+972-54-7520711, +972-54-2428378 |
Email: cons1.telaviv@mea.gov.in |
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दोहा (क़तर) |
00974-55647502 |
Email: cons.doha@mea.gov.in |
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मस्कट (ओमान) |
टोल फ़्री: 80071234 |
WhatsApp: +96898282270, Email: cw.muscat@mea.gov.in |
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कुवैत |
+96565501946 |
Email: community.kuwait@mea.gov.in |
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बहरीन |
00973-39418071 |
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बगदाद (इराक) |
+964 771 651 1185, +964 770444 4899 |
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जॉर्डन |
00962-770 422 276 |
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रामल्लाह (फ़िलिस्तीन) |
+970592916418 |
Email: repoffice@mea.gov.in / cons.ramallah@mea.gov.in |












