‘ऑपरेशन खामेनेई’: CIA की खुफिया भनक और इजरायल की मिसाइलें, पढ़ें कैसे मारा गया ईरान का सुप्रीम लीडर | The Politics Again
” ऑपरेशन खामेनेई’: CIA की महीनों की जासूसी और मोसाद का अचूक वार, पढ़ें कैसे तबाह हुआ ईरान के सुप्रीम लीडर का पूरा खानदान “
द पॉलिटिक्स अगेन डेस्क | 1 मार्च 2026 | शिल्पा की रिपोर्ट
‘ऑपरेशन खामेनेई’
CIA की जासूसी, मोसाद का वार और सुप्रीम लीडर का खात्मा
1 मार्च 2026 | The Politics Again
🎯 हमला और तबाही
- सुप्रीम लीडर ढेर: अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार (बेटी, दामाद, पोती) की मौत।
- बड़ा नुकसान: 40 से अधिक शीर्ष सैन्य कमांडर भी मारे गए।
- टारगेट: मध्य तेहरान स्थित घर और ऑफिस अत्याधुनिक मिसाइलों से मलबे में तब्दील।
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ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या कोई अचानक हुआ हमला नहीं था, बल्कि यह दुनिया की दो सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसियों—अमेरिका की CIA और इजरायल की मोसाद (Mossad)—की महीनों की अचूक प्लानिंग का नतीजा था।
शनिवार सुबह अमेरिका और इजरायल के संयुक्त और विध्वंसक हमले में न केवल अयातुल्ला खामेनेई मारे गए हैं, बल्कि उनके पूरे परिवार (बेटी, दामाद और पोती) को भी मौत के घाट उतार दिया गया है।
हमले की तीव्रता इतनी भयानक थी कि जिस घर में खामेनेई का ऑफिस था, वह अत्याधुनिक मिसाइलों के प्रहार से पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया। इसके साथ ही 40 से अधिक शीर्ष ईरानी सैन्य अधिकारियों का भी खात्मा कर दिया गया है।
न्यूयॉर्क टाइम्स का खुलासा : CIA ने दी थी ‘पक्की’ खुफिया लोकेशन
‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ (NYT) की एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में इस पूरे सीक्रेट ऑपरेशन की चौंकाने वाली इनसाइड स्टोरी सामने आई है।
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महीनों की ट्रैकिंग: रिपोर्ट के अनुसार, CIA कई महीनों से खामेनेई की हर गतिविधि और उनके ठिकानों पर बारीक नज़र रख रही थी।
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फटेहाल मीटिंग की भनक : CIA को पुख्ता खुफिया जानकारी मिली कि शनिवार सुबह मध्य तेहरान स्थित एक नेतृत्व परिसर (Leadership Complex) में शीर्ष ईरानी अधिकारियों की एक गुप्त बैठक होने वाली है, जिसमें खुद सुप्रीम लीडर मौजूद रहेंगे।
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इजरायल को सौंपा डेटा : CIA ने खामेनेई की स्थिति के बारे में यह ‘अत्यंत विश्वसनीय’ (Highly Reliable) खुफिया जानकारी तुरंत इजरायल को सौंप दी।
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इसी इनपुट का लाभ उठाने के लिए अमेरिका और इज़राइल ने अपने हमले के समय में बदलाव किया और सीधे खामेनेई के घर को निशाना बनाया।
हमले के बाद ईरान में बंटा हुआ है समाज
खामेनेई की मौत के बाद ईरान के हालात बेहद तनावपूर्ण और जटिल हो गए हैं। 80 से 85% शिया मुस्लिम आबादी वाले इस देश में लोग सड़कों पर उतर आए हैं, लेकिन प्रतिक्रियाएं दो धड़ों में बंटी हुई हैं:
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मातम: एक बड़ा तबका मस्जिदों और सड़कों पर अपने सुप्रीम लीडर की मौत पर जार-जार रो रहा है और मातम मना रहा है।
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जश्न: वहीं, दूसरा धड़ा (जो खामेनेई की सख्त नीतियों का घोर विरोधी रहा है) सड़कों पर इस हत्या का जश्न मनाता भी दिख रहा है।
ट्रंप और ईरान के बीच जुबानी जंग तेज
इस हाई-प्रोफाइल हत्या के बाद वाशिंगटन और तेहरान के बीच बयानबाजी भी हिंसक हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले को सही ठहराते हुए बयान दिया है कि “खामेनेई एक क्रूर तानाशाह था, इसीलिए उसे मार दिया गया। “
इसके ठीक उलट, बौखलाए ईरान ने ट्रंप को एक ‘अपराधी’ करार दिया है और स्पष्ट कर दिया है कि वह इस महाविनाशक हमले के बाद भी पीछे हटने वाला नहीं है।












