Global reaction on Iran attack

ईरान पर हमले से दुनिया में मची खलबली: भारत ने की शांति की अपील, रूस और पाकिस्तान भड़के | The Politics Again

ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद बटी दुनिया: भारत ने की शांति की अपील, रूस ने बताया ‘सत्ता पलटने की साजिश’

द पॉलिटिक्स अगेन डेस्क | 28 फरवरी 2026 . संतोष सेठ की रिपोर्ट 

ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त और विनाशकारी हमले के बाद पूरी दुनिया में खलबली मच गई है। इस हमले ने वैश्विक नेताओं के बीच गहरी फूट डाल दी है।

फ्रांस और यूरोपीय यूनियन (EU) जहां तनाव कम करने और संयम बरतने की गुहार लगा रहे हैं, वहीं रूस ने इसे एक संप्रभु देश पर “हथियारबंद हमला” करार दिया है।

ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने खुलकर अमेरिका का समर्थन किया है, जबकि स्पेन और पाकिस्तान ने बड़े युद्ध को रोकने के लिए कूटनीति का रास्ता अपनाने की वकालत की है।

उधर, ईरान ने “निर्णायक” जवाब देने की कसम खाते हुए वाशिंगटन और तेल अवीव पर अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ने का आरोप लगाया है, जिससे पूरे क्षेत्र में एक बड़े युद्ध (Regional Conflict) का डर गहरा गया है।

जानिए इस महासंकट पर दुनिया के प्रमुख देशों ने क्या प्रतिक्रिया दी है:

भारत का रुख: “सभी पक्ष संयम बरतें, नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि”

भारत ने शनिवार को स्पष्ट किया कि वह ईरान पर अमेरिका और इजरायल की जॉइंट स्ट्राइक के बाद मध्य पूर्व (Middle East) के हालातों को लेकर ‘बहुत चिंतित’ है। भारत ने सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीति के जरिए मामला सुलझाने की अपील की है।

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान जारी कर कहा, “इस इलाके में हमारे भारतीय मिशन सभी भारतीय नागरिकों के साथ लगातार संपर्क में हैं।

हमने उनसे सतर्क रहने, लोकल सिक्योरिटी गाइडेंस का पालन करने और मिशन के संपर्क में रहने को कहा है।”

भारत ने जोर देकर कहा कि तनाव बढ़ने से रोका जाना चाहिए और सभी देशों की संप्रभुता (Sovereignty) व क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान होना चाहिए।

रूस का कड़ा प्रहार: “यह सत्ता परिवर्तन की साजिश है”

रूस के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका और इजरायल के हमलों की कड़ी निंदा की है। रूस ने इसे “संयुक्त राष्ट्र के एक संप्रभु और स्वतंत्र सदस्य देश के खिलाफ पूर्व नियोजित और अकारण की गई सशस्त्र आक्रामकता” बताया है।

रूसी मंत्रालय ने टेलीग्राम पर जारी बयान में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वाशिंगटन और तेल अवीव ईरानी परमाणु कार्यक्रम की चिंताओं की आड़ में दरअसल तेहरान में सत्ता परिवर्तन (Regime Change) की कोशिश कर रहे हैं।

रूस ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के सुरक्षा उपायों के तहत आने वाले परमाणु संयंत्रों पर बमबारी को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया और इस पूरे तनाव के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, रूस ने शांतिपूर्ण समाधान के लिए मध्यस्थता करने की पेशकश भी की है।

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया: “हमले अनुचित, तुरंत रुके युद्ध”

पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक डार ने ईरान पर हुए हमलों को अनुचित बताते हुए संघर्ष को तत्काल समाप्त करने की मांग की।

ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के फोन कॉल के बाद डार ने यह बयान दिया। पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के अनुसार, डार ने ईरान के खिलाफ हमलों की कड़ी निंदा की और संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए कूटनीति को फिर से शुरू करने का आह्वान किया।

ब्रिटेन की सफाई: “हमले में शामिल नहीं, बातचीत से निकले हल”

ब्रिटेन सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसने ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों में भाग नहीं लिया है।

डाउनिंग स्ट्रीट (ब्रिटिश पीएम कार्यालय) ने कहा कि संघर्ष को व्यापक क्षेत्र में फैलने से रोकने के लिए बातचीत ही एकमात्र रास्ता है।

प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर क्षेत्र में ब्रिटेन की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और ब्रिटिश नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक आपातकालीन मंत्रिस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

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