पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास पर फायरिंग, 20 की मौत, वीजा सेवाएं रद्द
“पाकिस्तान में बवाल : अमेरिकी दूतावास पर हमला, मरीन कमांडो की फायरिंग; विरोध प्रदर्शनों में 20 की मौत और अमेरिका ने रोकीं वीजा सेवाएं “
नई दिल्ली : द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद मध्य पूर्व का तनाव अब पाकिस्तान की सड़कों तक पहुंच गया है।
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी शिया आबादी वाले देश पाकिस्तान में इस घटना को लेकर भारी भावनात्मक उबाल और हिंसक विरोध प्रदर्शन देखे जा रहे हैं।
इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है कि कराची स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (Consulate) के बाहर उग्र भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद आत्मरक्षा में अमेरिकी सुरक्षाकर्मियों (मरीन) को फायरिंग करनी पड़ी।
कराची में दूतावास पर प्रदर्शन और फायरिंग
रविवार को कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर हालात तब बेकाबू हो गए जब एक भारी भीड़ ने वहां प्रदर्शन शुरू कर दिया।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि स्थिति बिगड़ने पर कंसुलेट परिसर के अंदर से गोलियां चली हैं।
हालांकि, अभी तक अमेरिकी अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि भीड़ पर सीधे मरीन कमांडो की गोलियों से कितनी मौतें हुई हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के समर्थन में हो रहे इन देशव्यापी प्रदर्शनों में अब तक 20 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और दर्जनों घायल हैं। कई थानों और सरकारी इमारतों को भी निशाना बनाया गया है।
क्या अमेरिकी मरीन दूसरे देश में चला सकते हैं गोली?
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या अमेरिकी सुरक्षा बल पाकिस्तान की जमीन पर गोली चला सकते हैं?
इसका जवाब अंतरराष्ट्रीय कानून में छिपा है। 1961 के ‘वियना कन्वेंशन ऑन डिप्लोमैटिक रिलेशंस’ के तहत किसी भी देश के दूतावास या कंसुलेट परिसर को ‘अनुलंघनीय’ (Inviolable) माना जाता है।
हालांकि दूतावास की जमीन तकनीकी रूप से मेजबान देश (पाकिस्तान) की संप्रभु भूमि ही रहती है, लेकिन उस पर विशेष कूटनीतिक संरक्षण लागू होता है।
नियमों के मुताबिक, दूतावास की सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी मेजबान देश की होती है। लेकिन यदि परिसर पर सीधा हमला हो और जान का खतरा हो, तो अंदर तैनात सुरक्षाकर्मियों (जैसे अमेरिकी मरीन) को ‘आत्मरक्षा का पूरा अधिकार’ होता है।
अमेरिका का सख्त एक्शन: पाकिस्तान को बड़ा झटका
इस घटना ने अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में भारी तनाव पैदा कर दिया है। बिगड़ते हालात को देखते हुए अमेरिका ने कूटनीतिक स्तर पर सख्त कदम उठाए हैं:
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वीजा सेवाएं रद्द: अमेरिका ने पाकिस्तान में नए वीजा अपॉइंटमेंट्स को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।
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सुरक्षा में इजाफा: इस्लामाबाद, लाहौर और कराची में अमेरिकी स्टाफ के मूवमेंट को बेहद सीमित कर दिया गया है और सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
पाकिस्तान पहले ही गंभीर आर्थिक और राजनीतिक संकट से जूझ रहा है। ऐसे में अमेरिका के साथ यह कूटनीतिक टकराव उसकी क्षेत्रीय रणनीति, सुरक्षा सहयोग और अंतरराष्ट्रीय छवि पर गहरा और नकारात्मक असर डाल सकता है।












