जौनपुर में असलहा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, 3 तस्कर गिरफ्तार
जौनपुर में हथियारों के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़: 5 पिस्टल और 7 तमंचों के साथ प्रयागराज के 3 शातिर तस्कर गिरफ्तार”
मछलीशहर (जौनपुर) : अब्दुल हई राजा की रिपोर्ट : THE POLITICS AGAIN
उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जौनपुर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।
मछलीशहर पुलिस और स्वाट (SWAT) टीम की संयुक्त कार्रवाई में अंतरजनपदीय अवैध असलहा (हथियार) तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
पुलिस ने चेकिंग के दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार तीन शातिर तस्करों को गिरफ्तार कर हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया है।
हथियारों का जखीरा और चोरी की बाइकें बरामद
अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) आतिश कुमार सिंह ने मंगलवार को इस पूरे ऑपरेशन की जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से पुलिस ने निम्नलिखित सामग्री जब्त की है:
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5 देशी पिस्टल
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7 अवैध तमंचे
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चोरी की 2 मोटरसाइकिलें
प्रयागराज के रहने वाले हैं तीनों आरोपी
पुलिस जांच में पकड़े गए तीनों आरोपियों की पहचान प्रयागराज जिले के फूलपुर थाना क्षेत्र के निवासियों के रूप में हुई है:
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शिव प्रकाश मिश्रा (निवासी: ढोकरी गांव)
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मनकामेश्वर मिश्रा (निवासी: ढोकरी गांव) – इसके खिलाफ मिर्जापुर के कछवा थाने में आर्म्स एक्ट के तहत पहले से मुकदमा दर्ज है।
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प्रियांशु शुक्ला (निवासी: खोजापुर गांव)
पूछताछ में इन आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे एक-दूसरे को पहले से जानते हैं और लंबे समय से अंतरजनपदीय स्तर पर हथियारों की सप्लाई का काला कारोबार कर रहे थे।
मुनाफे का खेल: 25 हजार में पिस्टल और 5 हजार में तमंचा
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह जौनपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर और आसपास के जिलों में अपराधियों को असलहे सप्लाई करता था।
तस्कर एक देशी पिस्टल को करीब 25,000 रुपये और एक तमंचे को 5,000 रुपये की कीमत पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे।
मुख्य सरगना की तलाश में पुलिस की दबिश
पुलिस के अनुसार, इस पूरे असलहा सिंडिकेट का मास्टरमाइंड मिर्जापुर के हलिया थाना क्षेत्र (हरसड़) का रहने वाला सुनील दूबे है। वह फिलहाल फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
अधिकारी अब इलेक्ट्रॉनिक और मैनुअल साक्ष्यों की मदद से यह खंगालने में जुटे हैं कि मास्टरमाइंड सुनील दूबे के तार क्या किसी अन्य बड़े हथियार सिंडिकेट से भी जुड़े हुए हैं।
हथियारों के स्रोत और चोरी की मोटरसाइकिलों के असली मालिकों का पता लगाने के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।











