छत्तीसगढ़ / रायपुर: मासूमों से दरिंदगी करने वाले माता-पिता गिरफ्तार
रायपुर: मासूमों से दरिंदगी करने वाले माता-पिता गिरफ्तार, बाल आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल”
रायपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : कृष्णा सोनी की रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पंडरी क्षेत्र से बच्चों के साथ अमानवीय मारपीट का एक हृदयविदारक मामला सामने आया है।
इस अमानवीय कृत्य को अंजाम देने वाले कोई और नहीं, बल्कि बच्चों की अपनी मां और सौतेले पिता हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने स्वयं मेकाहारा अस्पताल और बाल गृह पहुंचकर पीड़ित बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का जायजा लिया।
चाइल्ड हेल्पलाइन से मिली सूचना, रेस्क्यू किए गए बच्चे
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले का खुलासा 15 अक्टूबर 2026 को ‘चाइल्ड हेल्पलाइन’ पर मिली एक सूचना से हुआ।
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3 वर्षीय मासूम अस्पताल में: मारपीट में 3 साल के छोटे बच्चे को गंभीर चोटें आई थीं, जिसे 16 अक्टूबर को मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने अस्पताल पहुंचकर उसकी स्थिति जानी। वर्तमान में बच्चे का स्वास्थ्य स्थिर बताया जा रहा है।
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अन्य बच्चे बाल गृह में: घटना का शिकार हुए 8 वर्षीय बड़े बालक को बाल गृह और 6 वर्षीय बालिका को सुरक्षित देखभाल के लिए ‘मातृछाया’ में रखा गया है।
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सभी बच्चों को मानसिक और भावनात्मक सदमे से उबारने के लिए विशेषज्ञों द्वारा लगातार उनकी काउंसलिंग की जा रही है।
बाल आयोग की सख्ती और हेल्पलाइन का सकारात्मक असर
अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बच्चों के संरक्षण, काउंसलिंग और पुनर्वास में कोई कोताही न बरती जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
हाल ही में बाल आयोग द्वारा प्रदेश के विभिन्न थानों और संस्थानों में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित कराने की पहल की गई थी।
आयोग ने बताया कि इसी पहल के चलते इस घटना की सूचना समय पर प्राप्त हो सकी और मासूम बच्चों को क्रूरता से बचाया जा सका।
📊रायपुर बाल प्रताड़ना मामला (एक नज़र में)
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महत्वपूर्ण बिंदु (Key Highlights) |
विस्तृत विवरण (Details) |
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📍 घटनास्थल |
पंडरी क्षेत्र, रायपुर (छत्तीसगढ़)। |
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🚨 मुख्य आरोपी |
बच्चों की सगी मां और सौतेला पिता (दोनों गिरफ्तार कर जेल भेजे गए)। |
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👧👦 पीड़ित बच्चे |
3 वर्षीय व 8 वर्षीय बालक और एक 6 वर्षीय बालिका। |
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🏥 रेस्क्यू और इलाज |
3 वर्षीय बच्चा ‘मेकाहारा अस्पताल’ में भर्ती; अन्य दोनों बच्चे सुरक्षित बाल गृह में। |
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🛡️ प्रशासनिक एक्शन |
बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा द्वारा अस्पताल का दौरा व जांच के निर्देश। |
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📞 सूचना का स्रोत |
चाइल्ड हेल्पलाइन के जरिए (15 अक्टूबर 2026 को मिली जानकारी)। |











