Kanda Express special goods train carrying buffer stock of onions from Nashik arrives in Delhi to control soaring retail prices

कांदा एक्सप्रेस पहुंची दिल्ली: अब 35 रुपये किलो मिलेगा प्याज

राहत की खबर: ‘कांदा एक्सप्रेस’ पहुंची दिल्ली, अब मात्र 35 रुपये किलो मिलेगा प्याज; सरकार ने उठाया बड़ा कदम”

नई दिल्ली : संतोष सेठ की रिपोर्ट : THE POLITICS AGAIN

त्योहारी सीजन में प्याज की कीमतों में आई अचानक तेजी से परेशान आम जनता के लिए एक बड़ी राहत की खबर है।

प्याज की आपूर्ति बढ़ाने और 60-70 रुपये किलो तक पहुंच चुकी ऊंची कीमतों को थामने के लिए महाराष्ट्र के नासिक से चला विशेष रेलवे रैक ‘कांदा एक्सप्रेस’ मंगलवार को दिल्ली पहुंच गया है।

बुधवार से इस बफर स्टॉक के जरिए देश के विभिन्न हिस्सों में प्याज की आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।

इन शहरों में 35 रुपये किलो मिलेगा प्याज

आम आदमी की रसोई का बजट बिगड़ने से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। सरकार ने ऐलान किया है कि वह बाजार भाव से लगभग आधी कीमत, यानी 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर प्याज की बिक्री करेगी।

शुरुआती चरण में इस सस्ते प्याज की बिक्री निम्नलिखित प्रमुख शहरों में शुरू की जाएगी:

  • दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR)

  • चेन्नई (Chennai)

  • कोलकाता (Kolkata)

  • गुवाहाटी (Guwahati)

कैसे और कहां से खरीद सकेंगे सस्ता प्याज?

उपभोक्ताओं तक समय पर और सही दाम में प्याज पहुंचाने की जिम्मेदारी प्रमुख सरकारी और सहकारी एजेंसियों को सौंपी गई है।

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की सचिव निधि खरे ने जानकारी दी कि पहले की ही तरह यह रियायती प्याज निम्नलिखित माध्यमों से बेचा जाएगा:

  • नैफेड (NAFED) और एनसीसीएफ (NCCF) के आउटलेट्स

  • स्थानीय सरकारी स्टॉल

  • कालोनियों में जाने वाले मोबाइल वैन (Mobile Vehicles)

जमाखोरी और सट्टेबाजी पर लगेगी लगाम

सचिव निधि खरे ने स्पष्ट किया कि कांदा एक्सप्रेस के जरिए दिल्ली और अन्य शहरों में आपूर्ति बहाल होने के बाद विभाग पूरी तरह से स्थिति को नियंत्रित कर लेगा और जल्द ही खुदरा बाजार में प्याज की कीमतें नीचे आ जाएंगी।

गौरतलब है कि हाल ही में मौसमी व्यवधानों और त्योहारी मांग के कारण देश के कई शहरों में प्याज की कीमतें 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थीं।

मंत्रालय का कहना है कि सरकार के पास प्याज का पर्याप्त बफर स्टॉक उपलब्ध है। मालगाड़ियों के जरिए थोक मंडियों और खुदरा बाजारों में निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होने से बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने वाले जमाखोरों और सट्टेबाजों के मंसूबों पर भी पानी फिर जाएगा।